जीवन में माता और पिता का महत्व | Importance of mother and father in our life.

माता और पिता हमारे जीवन व हमारे परिवार का एक ऐसा हिस्सा है। जिसका हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। माँ के लिए तो हमारा प्यार दिखाई देता है। माँ भी अपने बच्चों पर अपनी ममता और अपना प्यार न्योछावर करती है, तो सभी को पता चलता है। उनके बच्चों को भी और पूरी दुनिया को। कहां भी गया है कि माँ की प्यार से बढ़कर कोई प्यार नहीं। लेकिन पिता भी अपने संतान से उतना ही मोहब्बत करते हैं, जितना कि माँ अपने बच्चों से। लेकिन अंतर यही है कि माँ की ममता दिखती है और पिता का प्यार दिखता नहीं है। बच्चों को लगता है कि पिताजी तो हमें कभी अपने हाथों से खाना नहीं खिलाते। पिताजी मेरे साथ कभी समय नहीं बिताते। माँ यह सब अपने बच्चों के साथ करती है। माँ ऐसा करने में सक्षम कैसे है। इसके बारे में अगर कोई बच्चा सोचता है। तो उसे अपने पिता का भी प्यार का पता चलेगा कि वह भी अपने बच्चों से कितना मोहब्बत करते हैं। पिता दिन भर धूप हो, बारिश हो, ठंड हो, चाहे जैसे भी परिस्थिति हो। अपना सारा सुखचैन त्याग कर कुछ पैसे इकट्ठा करते हैं। ताकि उनके बच्चों की ख्वाहिश पूरी हो सके। अपने बच्चों का पेट भर सके। हर पिता चाहते हैं कि अपने बच्चों की हर ख्वाहिश को पूरा करें।
   
 पिता अपनी सारी खुशी, ख्वाब को भूल जाते हैं। जब उनका बच्चा उनसे कुछ मांगता है।
        अगर पिता कभी अपने बच्चों पर गुस्सा कर देते हैं। तो बच्चे समझते हैं, कि वे अच्छे नहीं हैं। परंतु पिता अपने बच्चों को इसलिए डांटते हैं, गुस्सा करते हैं। क्योंकि उन्हें डर रहता है कि कहीं मेरा बच्चा कोई गलत राह पर या कोई गलत काम ना कर बैठे। जिससे उसका भविष्य प्रभावित हो।
    
     अगर पिता हैं, तो दुनिया की हर खुशी आपके पास है।
     अगर पिता है, तो आपकी माँ की सुहाग है।
     अगर पिता है, तो बाजार का हर खिलौना आपका है।
     अगर पिता है तो आपके पास रोटी, कपड़ा और मकान है।
       परंतु बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं। कुछ पैसे कमाने लगते हैं। तो अपने आप को बहुत काबिल समझने लगते हैं। वे समझते हैं कि अब उन्हें किसी की जरूरत नहीं है। यहां तक कि वे अपने माता-पिता को भी भूल जाते हैं। अपने जीवन को ऐसो आराम से जीते हैं। वे यह भीभूल जाते हैं, कि जो माँ उन्हें 9 महीना अपने कोक में रखकर इतना कष्ट सहकर उसे जन्म देती है। पिता अपनी हर ख्वाहिश, हर खुशी कुर्बान कर अपने बच्चों की ख्वाहिश को पूरा करते हैं। परंतु उनके बच्चे इस बात की तनिक ख्याल नहीं करते।जिन्हें भी ऐसा लगता है, कि मैं जिस मुकाम पर हूं। उसमें उनके माता-पिता का कोई योगदान नहीं है तो वह बिल्कुल गलत समझते हैं। क्योंकि अगर भगवान ना करे कि आपके सिर पर से उनका हाथ उठ गया तो आपका कोई वजूद नहीं बचेगा।
        मेरा आप सभी से अनुरोध है कि अपने माता-पिता का आदर करें। उनकी हर बातों को मानें। क्योंकि इस दुनिया में आपके सिवा उनका कोई नहीं है। इस दुनिया में माता-पिता ही ऐसे प्राणी है। जो आपके लिए कुछ भी कर सकते हैं। यहां तक कि वह अपने बच्चों के लिए अपनी जान तक दे सकते हैं। उन्हें अपने बच्चों से कुछ नहीं चाहिए वे कभी अपने बच्चों से उनकी तनख्वाह  नहीं मांगते, वे कभी अपने बच्चों से कोई गाड़ी, कोई मोबाइल कुछ भी नहीं मांगते। वे मांगते हैं तो थोड़ी सी खुशी और थोड़ा सा आपका सहयोग। आप बस उनका आदर करें, उनसे भी आप उतना ही मोहब्बत करे जितना वो आप से करते हैं। माता-पिता को और कुछ नहीं चाहिए।
       माता-पिता तो साक्षात भगवान है। जो हमेशा आपके साथ रहते हैं। जो हमेशा आपकी इच्छाओं को पूरा करते हैं।
 अपने माता-पिता को हमेशा खुश रखें। उन्हें सर्वश्रेष्ठ समझें।

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

What is cpoyright

Unboxing Moto One Fusion +