Importance of water
जल हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है। इसे कैसे बचाना चाहिए, इसे क्यों बचाना चाहिए। तो जब इंसान दूसरे ग्रह पर प्लेनेट पर जिंदगी खोजता है। जीवन खोजता है। तो कौन सी एक ऐसी चीज ढूंढता है। जो उसे बता सकती है, कि वहां पर जीवन होने की संभावना है या नहीं है। तो मैं बता दूं कि लोग वहां पर पानी ढूंढते हैं। क्योंकि जिंदगी की शुरुआत पानी से ही होती है और पानी के बगैर जिंदगी मुमकिन ही नहीं है। इसलिए हमारा ग्रह जिस पर हम रहते हैं। जिसे अंग्रेजी में Earth कहते हैं। हिंदी में पृथ्वी कहते हैं। वह ब्लू प्लेनेट के नाम से जाना जाता है यानी नीले रंग का ग्रह। नीला इसलिए क्योंकि इसका 75% हिस्सा पानी है और इसलिए दूर से यह नीला नजर आता है। तो क्या यह सारी पानी पीने लायक है। तो नहीं इसका सिर्फ 3% हिस्सा ही हम पी सकते हैं। इसका 3% पानी मीठा है पीने लायक है। बाकी का सब खा रहा है। अब इस 3% में से कुछ हिस्सा वर्ष के रूप में पोलर रीजन में जमा है। यह जो 3% हिस्सा जो पानी है जिसका 70% हिस्सा बर्फ के रूप में जमा है और मात्र 30% ही पीने लायक है। तो कुल मिलाकर इस धरती के सारे पानी में से 1% से भी कम हमारे इस्तेमाल के लायक है। मतलब 700 करोड़ इंसानों के लिए और लाखों जानवरों के लिए, पेड़ पौधों के लिए। इसे हम खेती करते हैं। हम बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री, फैक्ट्री चलाते हैं, पीते हैं, नहाते हैं, होली खेलते हैं। तो आप लोगों को क्या लगता है हिंदुस्तान में कितना पानी है। कुछ देश ऐसे भी हैं जहां बहुत कम पानी है। नदियां भी नहीं बहती है। बरसा कम होते हैं। कुछ में जरूरत से ज्यादा पानी है। लेकिन हिंदुस्तान के पास कितना पानी है। हिंदुस्तान के पास न कम है और न ज्यादा है। मैं बता दूं कि हिंदुस्तान के पास ना तो बहुत ज्यादा है और ना बहुत कम है। जितनी जरूरत है उतना है। वंदे मातरम में हम अपने देश को सुजलाम सुफलाम कहते हैं। It means a land of monsoon. मल्हार का देश।हिंदुस्तान में बहुत सारे जगह ऐसी है। जहां पर बहुत ज्यादा बारिश होती है। जैसे :- मेघालय परंतु कुछ जगह जैसे मुंबई और बहुत सारे राज्यों में इतनी ज्यादा बारिश होती है कि अक्सर हमें तकलीफों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी बहुत ज्यादा नुकसान भी हो जाता है। हम पानी से कभी-कभी परेशान हो जाते हैं और सोचते हैं कि अब बारिश कब बंद होगी। जैसा कि अभी कुछ महीने पहले कितनी बारिश हुई थी। पूरा पटना में पानी भर गया था। सभी नदियों में पानी बढ़ गई थी। लेकिन अब कुछ देर के लिए सोचना कल्पना कीजिए। आज से कुछ साल बाद एक ऐसा समय आएगा। जब हमारी फसलें सूख जाएगी, पानी की कमी के वजह से कुएं और ट्यूबवेल सूख जाएंगे, लोगों को पानी खरीदना पड़ेगा। टैंकर के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। हमारे जो बड़े-बड़े बांधहै, डैम है सूख जाएंगे। खेत के सिंचाई के लिए नहर बनाते हैं ताकि पानी अलग अलग जगह तक पहुंचे। सब सूख जाएंगे पानी की कीमत पेट्रोल जितनी हो जाएगी। पानी शहरों में टैंकर के जरिए पहुंचाया जाएगा। पानी के लिए लड़ाई शुरू हो जाएगी। पानी के वजह से लोगों की जान तक चली जाएगी। हिंदुस्तान में बहुत सारे इलाके को एक काल्पनिक ख्याल भी नहीं है। बल्कि एक सच्चाई है। यह एक बुरे सपने जैसा है जो पूरे देश में धीरे-धीरे खेल रहा है। यह सपना धीरे-धीरे पूरे देश और दुनिया में फैल जाए और बहुत देर हो जाए। उससे पहले हमें इसे रोकना होगा। संरक्षण करना होगा। ताकि आगे आने वाली पीढ़ी को भी पानी सही मात्रा में मिल सके। तो मेरा आप सभी से अनुरोध है कि पानी को बर्बाद ना करें, पानी को प्रदूषित ना कर। जितना जरूरत हो उतनी ही पानी का उपयोग करें। ये नहीं की अभी पानी है। तो नहा रहे हैं तो एकदम नल खुला छोड़ दिए, ब्रश कर रहे हैं तो उतना देर तक नल खुला है। तो मेरा आप सभी से अनुरोध है कि पानी को बर्बाद ना करें और इसे प्रदूषित भी ना करें। अधिक से अधिक पेड़ लगाएं ताकि हमारा पर्यावरण हरा भरा रहे और सही समय से सही मात्रा में बारिश हो ताकि सभी तक पानी पहुंच सके। खेती अच्छी तरह से हो सके और किसानों को आत्महत्या ना करना पड़े। क्योंकि किसान फसल रोकते समय पूरा पैसा और अपनी जमा पूंजी और कई बार तो बैंक से लोन लेकर फसल लगा देते हैं। ताकि उन्हें अच्छी फसल मिलेगी और वह उसे बेचकर अपने परिवार का अच्छी तरह से पालन-पोषण कर सकें। परंतु सही समय पर बारिश ना होने के कारण और ना ही सिंचाई के लिए पानी का उपलब्ध हो पाने के कारण उनका सारा फसल खराब हो जाता है, बर्बाद हो जाता है। वह बैंक का कर्ज भी नहीं चुका पाता हैं, और अपनी सारी जमा पूंजी खो देते हैं। फिर आखिर में आत्महत्या कर लेते हैं। इसी प्रकार अच्छे फसल ना होने के कारण बाजार में महंगाई बढ़ जाती है। अनाज का दाम बढ़ जाता है। तो फिर हमें हाइब्रिड खाना पड़ता है। जिसमें अधिक केमिकल होने के कारण हमें कई बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है और कई लोगों को अपने जान से भी हाथ धो देते हैं। खेतों में उपयोग होने वाले केमिकल, हाइब्रिड, फर्टिलाइजर पानी में मिलकर नदी और पूरे वाटर बॉडीज को प्रदूषित करते हैं। तो मेरा आप सभी से अनुरोध है कि जल का संरक्षण करें और इसे प्रदूषित ना करें। जितना हो सके उतना कम पानी का उपयोग करें। और भी तरीके हैं जिससे हम पानी को बर्बाद होने से बचा सकते हैं। जैसे जब बारिश हो तो हम Rain water harvesting कर सकते हैं। इससे जमा पानी का उपयोग हम पेड़-पौधों की सिंचाई करने में कर सकते हैं, कपड़े साफ करने के उपयोग में ला सकते और अन्य कार्यों के उपयोग में ला सकते हैं। तो आइए आज हम यह प्रण लेते हैं कि ना पानी को बर्बाद करेंगे और ना करने देंगे। जहां भी हो रहा होगा उसे रोकने का कार्य करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे।
Save water Save life Save Earth
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